पुणे बिल्डिंग हादसा: मलबे में 16 लोगों के दबे होने की आशंका, बचाव अभियान तेज

Posted on: 08 July 2026 Share

पुणे। महाराष्ट्र के पुणे जिले के अंतर्गत आने वाले औद्योगिक क्षेत्र पिंपरी-चिंचवड़ में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ मोशी इलाके में एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर ढह गई। प्रशासनिक अधिकारियों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस मलबे के नीचे कम से कम 16 नागरिकों के दबे होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है। हादसे के बाद पूरे इलाके में चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

मौके पर पहुँचा राहत दल, युद्ध स्तर पर शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन तुरंत हरकत में आया। दमकल विभाग (फायर ब्रिगेड), स्थानीय पुलिस और आपदा प्रबंधन की विभिन्न टीमें एम्बुलेंस के साथ मोशी स्थित दुर्घटनास्थल पर पहुँच चुकी हैं। मलबे को हटाने और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्ध स्तर पर बचाव अभियान चलाया जा रहा है। मलबे से निकाले जा रहे घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराने के लिए ग्रीन कॉरिडोर और एम्बुलेंस की व्यवस्था की गई है।

कचरे का विशाल पहाड़ गिरने से ढही इमारत, सुरक्षा के लिहाज से घेराबंदी शुरू

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम के आला अफसरों ने स्थिति का जायजा लेने के लिए खुद कमान संभाल ली है। सुरक्षा और राहत कार्य में कोई बाधा न आए, इसके लिए हादसे वाली जगह के आसपास के पूरे क्षेत्र को बैरिकेड्स लगाकर सील कर दिया गया है। अभी भी मलबे के भीतर फंसे लोगों की सटीक संख्या को लेकर आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। बताया जा रहा है कि यह दुर्भाग्यपूर्ण हादसा मोशी कचरा डिपो के समीप हुआ। शुरुआती जांच के मुताबिक, पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते कचरे के ढेर का एक बहुत बड़ा हिस्सा खिसककर (लैंडस्लाइड की तरह) सीधे इमारत पर आ गिरा, जिसके भारी दबाव से यह पूरी बिल्डिंग जमींदोज हो गई।

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से पुणे और उपनगरों में जनजीवन अस्त-व्यस्त

इस भीषण हादसे के बीच, पुणे शहर, इसके उपनगरीय इलाकों और पूरे पिंपरी-चिंचवड़ बेल्ट में लगातार जारी भारी बारिश ने आम जनजीवन को पूरी तरह पटरी से उतार दिया है। लगातार बरस रहे पानी की वजह से कई निचले रिहायशी इलाकों और बस्तियों में जलभराव (वॉटरलॉगिंग) की स्थिति पैदा हो गई है। जलजमाव के कारण शहर के मुख्य चौराहों और एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं, जिससे यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। पिंपरी-चिंचवड़ के औद्योगिक क्षेत्रों (एमआईडीसी) और रिहायशी कॉलोनियों में पानी भरने से स्थानीय निवासियों, कामगारों और नौकरीपेशा लोगों को अपने गंतव्य तक पहुँचने में बेहद कठिनाइयों और भारी जाम का सामना करना पड़ रहा है।