
राज्य आनंद संस्थान लोगों को आनंदित करने का लगातार प्रयास कर रहा है। संस्थान द्वारा सलाह दी जा रही है कि पर्याप्त अभ्यास और जागरूक होकर प्रयास करने से बिना किसी उपलब्धि या कारण के भी प्रसन्नचित रहा जा सकता है। प्रसन्नचित रहने के लिये विभिन्न गतिविधियों का माहवार कैलेण्डर जारी किया गया है। प्रत्येक माह का एक विषय तय किया गया है। तय विषय से संबंधित गतिविधियों को अभ्यासपूर्वक अपनाकर खुश रहा जा सकता है।
जनवरी माह "कृतज्ञता", फरवरी "खेल", मार्च "अल्प विराम", अप्रैल "सहायता", मई "सीखने", जून "संबंधों", जुलाई "स्वीकार्यता", अगस्त "लक्ष्यों", सितम्बर जागरूकता, अक्टूबर, नवंबर और दिसम्बर "संगम" को समर्पित किया गया है। आनंद के लिए इन विषयों से जुड़ी गतिविधियों का बार-बार अभ्यास करना जरूरी है।