
मध्य प्रदेश, भाजपा ने पहली बार प्रदेश की सभी 29 लोकसभा सीटों पर जीत पाई है। स्वतंत्रता के बाद कांग्रेस ने वर्ष 1984 में क्लीन स्वीप किया था। इस बार भाजपा सभी सीटों पर जीती है जिससे स्पष्ट है कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों में पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया है।
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा लोकसभा सीट पर कांग्रेस का दबदबा खत्म हो गया। भाजपा के विवेक बंटी साहू ने कांग्रेस के नकुल नाथ को 1 लाख 13 हजार 618 वोटों से हरा दिया। बता दें कि कांग्रेस के दिग्गज नेता कमलनाथ नौ बार, उनकी पत्नी अलका नाथ एक बार और उनके बेटे नकुल नाथ ने इस सीट से एक बार जीत दर्ज की है।
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा लोकसभा सीट पर सभी की निगाहें थीं। लोग जानने चाहते थे कि भाजपा यहां कांग्रेस का किला ढाहने में सफल रहती है या नहीं। इस सीट पर कांग्रेस के नकुल नाथ और भाजपा के विवेक बंटी साहू के बीच सीधा मुकाबला था।
कांग्रेस की पारंपरिक और उसके उम्मीदवार नकुल नाथ की पारिवारिक सीट पर इस बार कांटे की टक्कर देखने को मिली। नकुल नाथ के पिता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ यहां से नौ बार सांसद चुने जा चुके हैं। उनकी पत्नी अलका नाथ भी एक बार यहां से चुनाव जीत चुकी हैं। 1980 से लगातार जीतते आ रहे कमलनाथ 1996 के चुनाव से पहले हवाला केस में घिर गए थे। तब उन्होंने इस सीट से अपनी पत्नी अलका नाथ को मैदान में उतारा था, जो विजयी रही थीं। 2019 से नकुल नाथ यहां से सांसद हैं। यह सीट कांग्रेस का अभेद किला रहा है।
वहीं अगर इस सीट पर भाजपा के प्रदर्शन की बात करें तो सिर्फ एक उपचुनाव में उसे सफलता मिली है। जब कमल नाथ हवाला केस में आरोप मुक्त हुए तो उनकी पत्नी अलका नाथ से संसद की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद 1997 में इस सीट पर हुए लोकसभा के उपचुनाव में भाजपा के सुंदरलाल पटवा ने कांग्रेस के कमल नाथ को हरा दिया था। अगर इस बार के चुनाव की बात करें तो भाजपा ने इस सीट से विवेक बंटी साहू को नकुल नाथ के सामने उतारा है। यह वही साहू हैं, जिन्होंने 2020 में विधानसभा के उपचुनाव में कमलनाथ को छिंदवाड़ा विधानसभा सीट पर पर कड़ी चुनौती दी थी। हालांकि कमलनाथ यह चुनाव जीतने में कामयाब रहे थे। बता दें कि छिंदवाड़ा लोकसभा क्षेत्र के अंतगर्त विधानसभा की सात सीटें आती हैं और सभी पर कांग्रेस का कब्जा है।