
नई दिल्ली: बृहस्पतिवार को चेन्नई के अंतरिक्ष 'स्टार्ट-अप' ‘अग्निकुल कॉसमॉस’ ने श्रीहरिकोटा स्थित अपने प्रक्षेपण स्थल से अपने स्वदेश निर्मित '3डी-प्रिंटेड सेमी-क्रायोजेनिक रॉकेट अग्निबाण’ का उप-कक्षीय परीक्षण सफलतापूर्वक किया। अग्निकुल कॉसमॉस यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत की दूसरी निजी इकाई बन गई है। इसरो ने कहा कि स्पेस सेक्टर में यह सफलता मील का पत्थर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे गौरवान्वित करने वाली उपलब्धि बताया।
अंतरिक्ष स्टार्टअप अग्निकुल कॉसमॉस ने सफलतापूर्वक 30 मई को अपने पहले रॉकेट की उड़ान का परीक्षण किया। हालांकि ये परीक्षण लॉन्च पहले मंगलवार को निर्धारित थी, लेकिन लेकिन कुछ तकनीकी कारणों सो लॉन्चिंग को 2 बार टाल दिया गया। निजी कंपनियों और अंतरिक्ष विभाग के बीच ब्रिज का काम करने वाले इनस्पेस ने कंपनी की तरफ से यह जानकारी साझा की और बताया कि अग्निकुल के रॉकेट का सफलतापूर्वक गुरुवार को परीक्षण किया गया। इसरो ने सोशल मीडिया के जरिए यह जानकारी दी कि श्री हरिकोटा में निजी कंपनी के निजी लॉन्च पैड़ से उड़ान का सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया।