
उज्जैन / अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून, 2024 को सामूहिक योगाभ्यास किया जाएगा। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार की स्वायत्तशासी संस्था महर्षि सान्दीपनि राष्ट्रीय वेदविद्या प्रतिष्ठान एवं महर्षि सान्दीपनि राष्ट्रीय वेद संस्कृत शिक्षा बोर्ड, उज्जैन द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के दसवें योगाभ्यास कार्यक्रम में दिनांक 21 जून को अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में सामूहिक योगाभ्यास प्रातः 07.00 से 07.45 बजे तक किया जाएगा।
वहीं इसके पूर्व 19 जून की संध्या 5.00 बजे टावर चौराहे से विशाल योग शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें प्रतिष्ठान कार्यालय के अधिकारी/कर्मचारी एवं प्रतिष्ठान परिसर में संचालित राष्ट्रीय आदर्श वेद विद्यालय तथा प्रतिष्ठान से उज्जैन शहर में अनुदानित वेदपाठशाला/इकाइयों के वेद अध्यापक एवं वेद पाठी छात्र उपस्थित थे। इस अवसर पर प्रतिष्ठान के सचिव प्रो. विरूपाक्ष वि. जड्डीपाल एवं महर्षि पाणिनि संस्कृत एवं वैदिक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विजय कुमार सी.जी., इन्दौर के श्रीराम मंदिर पंचकुआ पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर श्री रामगोपाल दास जी महाराज एवं अन्य आचार्यगण एवं शोधार्थी छात्र भी शोभायात्रा में उपस्थित रहे। यह यात्रा टावर चौराहे से प्रारम्भ होकर तीन बत्ती चौराहा, सिंधीकालोनी चौराहा, ऋषिनगर होते हुए भरतपुरी स्थित प्रतिष्ठान कार्यालय पर जाकर पूर्ण हुई।
इस अवसर पर मुख्य रूप से श्रीराम मंदिर पंचकुआ पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर श्री रामगोपाल दास जी महाराज इन्दौर ने शोभायात्रा को सम्बोधित करते हुए कहा कि जनमानस को योग के माध्यम से शारिरीक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में योग पूर्ण सहायक है। हमें समय निकाल कर नियमित रूप से योग करना चाहिए। जिससे स्वस्थ एवं दीर्घ आयु प्राप्त हो सके।
इस अवसर पर महर्षि पाणिनि संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विजय कुमार सी.जी. ने कहा कि हमारी प्राचीन भारतीय परम्परा में योग के महत्त्व के बारे इतना बताया गया है कि जो संसार के किसी भी साहित्य में नहीं है। आज सम्पूर्ण विश्व इसी भारतीय परम्परा को आत्मसात करने की और अग्रसर है यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है।
प्रतिष्ठान के सचिव प्रो. विरूपाक्ष वि. जड्डीपाल ने कहा कि आज सम्पूर्ण विश्व को परम् शान्ति एवं स्वस्थ रखने का मूल साधन योग ही है। इसके अभाव में व्यक्ति रूग्ण तथा मानसीक रूप से व्यथित होता है, यही कारण है कि सम्पूर्ण संसार इस महत्त्व पूर्ण ज्ञान परम्परा की ओर अग्रसर हो रहा है। हमें योग के प्रति पूर्णतः जागृत रहना होगा तभी अपना तथा राष्ट्र का कल्याण करने में समर्थ हो सकेगे। उज्जैन की जनता योग के माध्यम से सदैव सुखी एवं समृद्ध रहे इस कामना के साथ सभा पूर्ण हुई है।