
उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के निर्देश अनुसार राजस्व महा अभियान 2.0 में समस्त राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और राजस्व अभिलेख त्रुटियों को ठीक करने के लिए चल रहे अभियान अन्तर्गत संभागायुक्त श्री संजय गुप्ता ने बुधवार शाम को प्रशासनिक संकुल भवन और नवीन तहसील कार्यालय स्थित तहसील न्यायालयों का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान राजस्व न्यायालय में समय सीमा पर लंबित प्रकरणों का निराकरण, नए राजस्व प्रकरणों को आरसीएमएस पर दर्ज कराना, नक्शे पर तरमीम, स्वामित्व योजना और खसरे की समय/आधार से लिंकिंग एवं फार्मर रजिस्ट्री आदि के प्रकरणों की विस्तार से जानकारी प्राप्त की।
संभागायुक्त श्री गुप्ता ने निरीक्षण की शुरूआत प्रशासनिक संकुल भवन स्थित तहसील न्यायालय उज्जैन ग्रामीण से की। इस दौरान उन्होंने सीमांकन, बटांकन, वसीयत, राजस्व वसूली आदि की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। श्री गुप्ता ने तहसीलदार श्रीमती अर्चना गुप्ता को निर्देशित किया कि अविवादित वसीयत और अविवादित राजस्व प्रकरणों का त्वरित रूप से समय अनुसार निराकरण करें। इसी के साथ 60 से अधिक राजस्व प्रकरणों में पारित आदेशों का अमल न होने पर रीडर श्री रवीन्द्र धवन की वेतन वृद्धि रोकने का नोटिस देने के निर्देश दिये। उन्होंने कल तक सभी आदेशों के अमल करवाने के निर्देश दिये और कहा कि इस कार्य में ढिलाई बरतने पर सम्बन्धितों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही की जायेगी।
इसके बाद संभागायुक्त श्री गुप्ता ने न्यायालय नायब तहसीलदार वृत्त चिन्तामन जवासिया का निरीक्षण किया। यहां राजस्व प्रकरणों के निराकरण में संतुष्टिपूर्ण कार्यवाही पर प्रशंसा व्यक्त की। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारी को निर्देशित किया कि सायबर तहसील में प्राप्त आवेदनों में आवेदकों से दस्तावेजों की भौतिक रूप से मांग न की जाये, इसका विशेष रूप से ध्यान रखा जाये। प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिये ऑनलाइन माध्यमों से सूचना देकर त्वरित कार्यवाही की जाना सुनिश्चित करें। संभागायुक्त श्री गुप्ता ने न्यायालय अपर तहसीलदार वृत्त नरवर का भी निरीक्षण किया।
तत्पश्चात संभागायुक्त श्री गुप्ता ने नवीन तहसील कार्यालय स्थित न्यायालय तहसीलदार कोठी महल व उज्जैन नगर का भी औचक निरीक्षण किया और निर्देश दिये कि सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का त्वरित निराकरण करें और राजस्व वसूली के लक्ष्य की पूर्ति करना सुनिश्चित करें। आरसीएमएस पोर्टल पर प्राप्त प्रकरणों का उसी दिन निराकरण करें। भू-अभिलेख दुरूस्ती के प्रकरणों का भी त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाये। स्वामित्व योजना अन्तर्गत ड्रोन फ्लाय, ग्राउण्ड ट्रूथिंग आदि का कार्य भी समय-सीमा में पूर्ण करना सुनिश्चित करें। 30 दिवस से अधिक के नामांतरण के प्रकरण लंबित न रहें। उन्होंने तहसीलदारों को पटवारियों की उनके कार्यक्षेत्र में उपस्थिति सुनिश्चित करने व उनकी उपस्थिति की मॉनीटरिंग करने के निर्देश भी दिये।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त राजस्व श्री रंजीत कुमार, उपायुक्त भू-अभिलेख श्रीमती गरिमा रावत, अपर कलेक्टर श्री एमएस कवचे, एसडीएम उज्जैन ग्रामीण श्री अर्थ जैन, एसडीएम उज्जैन शहर श्री एलएन गर्ग आदि अधिकारी उपस्थित थे।