मध्य प्रदेश

आत्मनिर्भरता और सामाजिक समरसता के प्रेरणापुंज थे संत रविदास

भारतीय संस्कृति में संतों का स्थान केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शकों के रूप में नहीं, बल्कि समाज सुधारकों के रूप में भी रहा है। उन्होंने समय-समय पर समाज को नई दिशा दी, उसके उत्थान के लिए कार्य किया और एक न्यायसंगत व्यवस्था का संदेश दिया। संत रविदास जी भी उन्हीं में से एक थे, जिन्होंने समानता, श्रम की प्रतिष्ठा और आत्मनिर्भरता की शिक्षा दी। उनके विचारों की प्रासंगिकता आज भी उतनी ही गहरी है जितनी उनके समय में थी।

संत रविदास जी 15वीं-16वीं शताब्दी के एक महान संत, समाज सुधारक और कवि थे। उनका जन्म वाराणसी में हुआ था। उन्होंने समाज में जातिगत भेदभाव का विरोध किया और कर्म को व्यक्त

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राज्य आनंद संस्थान लोगों को कर रहा है आनंदित

राज्य आनंद संस्थान लोगों को आनंदित करने का लगातार प्रयास कर रहा है। संस्थान द्वारा सलाह दी जा रही है कि पर्याप्त अभ्यास और जागरूक होकर प्रयास करने से बिना किसी उपलब्धि या कारण के भी प्रसन्नचित रहा जा सकता है। प्रसन्नचित रहने के लिये विभिन्न गतिविधियों का माहवार कैलेण्डर जारी किया गया है। प्रत्येक माह का एक विषय तय किया गया है। तय विषय से संबंधित गतिविधियों को अभ्यासपूर्वक अपनाकर खुश रहा जा सकता है।

जनवरी माह "कृतज्ञता", फरवरी "खेल", मार्च "अल्प विराम", अप्रैल "सहायता", मई "सीखने", जून "संबंधों", जुलाई "स्वीकार्यता", अगस्त "लक्ष्यों", सितम्बर जागरूकता, अक्टूबर, नवंबर और दिसम

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आर्थिक विकास को मजबूती देने मुख्यमंत्री की लोकल से ग्लोबल तक सतत् यात्रा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने बीते एक वर्ष में औद्योगिक विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। प्रदेश को राष्ट्रीय और वैश्विक औद्योगिक मानचित्र पर स्थापित करने के लिए उन्होंने न केवल रणनीतिक नीतियां बनाईं, बल्कि जमीनी स्तर पर निवेश और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए। बीते एक साल में मध्यप्रदेश ने 7 रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन कर विभिन्न क्षेत्रों में औद्योगिक संभावनाओं को मजबूती दी। इसके साथ ही 5 प्रमुख रोड शो आयोजित कर निवेशकों के साथ सीधा संवाद किया गया, जिससे प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं को व्यापक मंच मिला।

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नई तकनीक और सहकारिता से होगा किसानों का उत्थान: मंत्री श्री सारंग

सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि नई तकनीक और सहकारिता से किसानों का उत्थान होगा। खेत, खलियान और किसान सरकार की प्राथमिकता है। विकसित भारत की परिकल्पना में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इन तीनों के उन्नयन और उत्थान की दिशा में सामूहिक रूप से काम करने से ही देश विकसित हो पाएगा, सरकार इस दिशा में प्रयासरत है। मध्यप्रदेश ने कृषि क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं। इससे प्रोडक्शन में रिकॉर्ड दर्ज किया और 7 बार लगातार कृषि कर्मण अवार्ड भी मिला। मंत्री श्री सारंग सोमवार को नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित कृष

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देह दान व अंग दान को प्रोत्साहित करने लिये ऐतिहासिक निर्णय

उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देह दान एवं अंग दान को प्रोत्साहन देने और देह दान करने वाले नागरिकों का सम्मान करने के लिये ऐतिहासिक निर्णय लिये हैं। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का अभिनंदन करते हुए आभार माना है। उन्होंने कहा कि यह समाज के लिए प्रेरणादायक कदम है। उन्होंने कहा कि देह दान और अंग दान जीवन का सबसे महान दान है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का यह निर्णय निश्चित ही अधिक से अधिक लोगों को अंग दान और देह दान के लिए प्रेरित करेगा। इससे अनेक लोगों को नया जीवन प्राप्त होगा।

उप

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मध्यप्रदेश को मिलेगा जल्द ही एक नया टाइगर रिजर्व : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश को जल्द ही एक नया टाइगर रिजर्व मिलने वाला है। माधव टाइगर अभ्यारण्य जल्द ही राज्य का 9वां टाइगर रिजर्व बनेगा। इससे चंबल अंचल में वन्य जीवों की संख्या बढ़ेगी। मध्यप्रदेश वन्य जीवन संरक्षण में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। बुधवार को कूनो क्षेत्र में 5 चीते छोड़े गए, इनमें से 3 का जन्म तो प्रदेश में ही हुआ है। इस प्रकार अब सात चीते स्वयं को मध्यप्रदेश की आबोहवा में ढाल रहे हैं। पहले छोड़े गए चीते न केवल शिकार कर रहे हैं, अपितु कुशलता से जंगल में विचरण कर रहे हैं। प्रकृति, जीव जगत और मानव जीवन के संतुलन की यह अनमोल झलक राज्य में द

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तुलसी साहित्य और भारतीय संस्कृति का हो प्रचार-प्रसार - मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को मानस भवन में तुलसी मानस प्रतिष्ठान की प्रबंधकारिणी समिति की बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस प्रतिष्ठान की गतिविधियों को और अधिक विस्तारित करने का सुझाव दिया और संबंधितों को इस पर अमल करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रतिष्ठान से रामायण, तुलसी साहित्य और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने युवाओं और विद्वानों को जोड़ने के लिए चित्रकूट जैसे धार्मिक स्थल पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने पर जोर दिया। बैठक में प्रबंधकारिणी समिति के कार्याध्यक्ष श्री रघुनंदन शर्मा, स

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लोक निर्माण मंत्री के निर्देश पर मुख्य अभियंताओं के 7 दलों ने प्रदेश के सभी 7 परिक्षेत्रों में एक साथ किया औचक निरीक्षण

लोक निर्माण मंत्री श्री राकेश सिंह के निर्देश पर 5 फरवरी को लोक निर्माण विभाग के सातों परिक्षेत्रों के एक-एक जिले में मुख्य अभियंताओं के दलों ने औचक निरीक्षण किया। इन औचक निरीक्षणों की खास बात यह रही कि दो दिन पहले तक किसी को यह नहीं पता था कि कौन सा निरीक्षण दल किस जिले में किन निर्माण कार्यों का निरीक्षण करने वाला है। 

औचक निरीक्षण के लिये सात जिलों का चयन रेंडम आधार पर किया गया, जिसमें भोपाल परिक्षेत्र से भोपाल, ग्वालियर परिक्षेत्र से ग्वालियर, जबलपुर परिक्षेत्र से कटनी, इंदौर परिक्षेत्र से धार, रीवा परिक्षेत्र से शहडोल, उज्जैन परिक्षेत्र से रतलाम एवं सागर परिक्

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गरीब बंदियों को सहायता देने में मध्यप्रदेश देश में प्रथम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गरीब बंदियों को जमानत एवं जुर्माना अदा करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने में मध्यप्रदेश देश में प्रथम है। इसमें आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों को 25 हजार रुपए तक की जुर्माना राशि मंजूर की जाती है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जिसने अबतक 31 बंदियों को जुर्माना एवं जमानत के रूप में 6 लाख 43 लाख 517 रुपए की राशि मंजूर की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 479 के प्रावधानों का पालन करने में भी मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्य है। इस धारा में यह प्रावधान है कि "जेल अधीक्षक, जेल में निरूद्ध अभियुक्त व्यक्त

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सभी सेक्टर को एक साथ जोड़ने का माध्यम सहकारिता : सहकारिता मंत्री श्री सारंग

सहकारिता मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि किसी भी देश के उन्नयन, विकास और जनता के कल्याण के लिये अर्थ-व्यवस्था की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि जहाँ व्यक्ति है, वहाँ अर्थ है और जहाँ अर्थ है वहाँ अर्थ-व्यवस्था। विकसित भारत निर्माण की परिकल्पना के लिये अर्थ-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिये संकल्प के साथ प्लानिंग करनी होगी। सभी अर्थ-व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने के लिये लक्ष्य के साथ अपने-अपने प्रकल्प पर काम कर रहे हैं। सभी सेक्टर को एक साथ जोड़ने का माध्यम सहकारिता है। मंत्री श्री सारंग गुरूवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में

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